बर्फ में फंसे 47 मजदूर बचाए गए, आठ की तलाश जारी; ग्राउंड जीरो पर पहुंचे सीएम धामी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माणा में हिमस्खलन की घटना का देर रात राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ में भी आपदा कंट्रोल रूम की स्थापना की जाए।

सीएम ने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान आपसी सहयोग से बर्फ हटाने का कार्य तेजी से करें। जिन श्रमिकों को निकाला गया है उनका विशेष ख्याल रखा जाए। मुख्यमंत्री ने जोशीमठ स्थित आर्मी अस्पताल, जिला अस्पताल, एम्स ऋषिकेश तक सभी अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।

शनिवार सुबह सीएम धामी ने चमोली में माणा के निकट हुए हिमस्खलन क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इसके उपरांत अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए जिससे राहत एवं बचाव कार्य शीघ्र और प्रभावी रूप से संचालित हो सके।

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चमोली जिले में अचानक हुए हिमस्खलन के कारण 55 श्रमिक दब गए थे, जिनके बचाव के लिए तुरंत राहत कार्य शुरू किए गए थे। इस संकट की घड़ी में मुख्यमंत्री धामी ने चार घंटे के भीतर आपदा परिचालन केंद्र का दूसरा दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वहां राहत कार्यों के बारे में पल-पल की जानकारी ली और राहत कार्यों को तेज करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

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शुक्रवार को भारत-चीन सीमा पर स्थित सीमांत जिले चमोली के माणा के पास भीषण हिमस्खलन में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन सुबह से जारी है। प्रदेश में आज भी कई जिलों में बारिश के आसार है। वहीं चमोली में हिमस्खलन का खतरा बरकरार है।

बर्फ में फंसे एक और घायल मजदूर को ज्योर्तिमठ लाया गया है। अब आठ मजदूरों की तलाश जारी है। सुबह से दस मजदूरों को जवानों ने रेस्क्यू कर लिया है। 47 मजदूर बचाए जा चुके हैं।

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