किसान आत्महत्या मामले में हाईकोर्ट से सभी नामजद आरोपियों को मिली बड़ी राहत, राज्य सरकार से मांगी आपत्ति

ख़बर शेयर करें -

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने काशीपुर के किसान द्वारा आत्महत्या करने पर नामजद लोगों की गिरफ्तारी पर रोक व दर्ज मुकदमे को निरस्त करने के मामले पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ती आशीष नैथानी की एकलपीठ ने उनकी गिरफतारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार सहित तहरीर देने वाला मृतक के भाई परमिन्दर को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में अपनी आपत्ति पेश करने को कहा है, साथ में कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा है कि वह जाँच में हरसंभव सहयोग करें। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 15 अप्रैल (बुधवार) नियत की है।

यह भी पढ़ें 👉  ठंडे मौसम की वजह से उत्तराखंड के दो जिलों में 17 जनवरी तक स्कूल बंद, बर्फबारी की सम्भावना

बता दें शुक्रवार को राज्य सरकार ने स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामला गंभीर होने के कारण डीजीपी इस केस की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मामले की जांच एसआईटी को सौप दी है लेकिन जाँच प्रारंभ नहीं हुई है। मामले के अनुसार बीते शनिवार की देर रात हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र स्थित एक होटल में काशीपुर निवासी सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने फेसबुक पर लाइव आकर कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। यही नहीं सुखवंत ने ऊधम सिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा समेत तमाम पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। उनके द्वारा कहा गया था कि उनके साथ जमीन के मामले मे धोखाधड़ी हुई है और उनसे करीब 4 करोड़ ठग लिए गए। जब इसकी शिकायत बार बार पुलिस से की गयी तो पुलिस ने उनकी शिकायत पर अमल नही किया गया उल्टा उनको डरा धमकाया गया। उनकी आत्महत्या करने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 लोगों पर आईटीआई थाने मे नामजद मुकदमा दर्ज किया। यह कार्रवाई मृतक के भाई की तहरीर पर की गयी है।

Ad