पैसे दोगुना करने का झांसा देकर पब्लिक के करोड़ों रुपये हड़प लिये, कंपनी के कार्यालय में कमिश्नर दीपक रावत का छापा

हल्द्वानी। पैसा दोगुना करने का झांसा देकर पब्लिक के करोड़ों रुपये हड़पने का सनसनीखेज मामला हल्द्वानी से सामने आया है। कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत की सख्त कार्रवाई में GMFX Global Limited नामक कंपनी द्वारा करीब 39 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ है। यह रकम लगभग 8 हजार निवेशकों से पिछले 25 महीनों में जमा कराई गई थी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा निवासी एक व्यक्ति ने मंडलायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई कि कंपनी के सीईओ द्वारा निवेश के नाम पर धनराशि ली गई, लेकिन तय समय पर पैसा वापस नहीं किया गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त दीपक रावत ने कंपनी के सीईओ बिमल रावत को कार्यालय में तलब किया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर आयुक्त स्वयं प्रशासनिक टीम के साथ सतलोक कॉलोनी, फेज-6 (रणवीर गार्डन के पास) स्थित कंपनी कार्यालय पहुंचे।
मंडलायुक्त द्वारा कंपनी से डॉक्यूमेंट्स, ट्रांजेक्शन डिटेल्स, बैलेंस शीट और ऑनलाइन पोर्टल डेटा प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन सीईओ बिमल रावत कोई भी वैध दस्तावेज या ऑनलाइन रिकॉर्ड दिखाने में असफल रहे। जांच में सामने आया कि कंपनी के
IDFC बैंक खाते में मात्र ₹42,455
HDFC बैंक खाते में करीब ₹50,000
की ही धनराशि उपलब्ध है, जबकि कंपनी पर 3900 से अधिक निवेशकों की देनदारी बताई गई।
कंपनी के नाम पर निवेश, जमीन निजी नाम पर
जांच के दौरान सीईओ ने यह भी स्वीकार किया कि निवेशकों के पैसे से कंपनी के नाम पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से दो स्थानों पर जमीन खरीदी गई। यही नहीं, कंपनी द्वारा मल्टीलेवल मार्केटिंग (MLM)/पिरामिड स्कीम के तहत निवेश जुटाया गया और मिडिएटर्स को इंसेंटिव भी दिया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान 10–11 अन्य पीड़ित निवेशक भी मौके पर पहुंचे और मंडलायुक्त से अपनी जमा धनराशि वापस दिलाने की मांग की। निवेशकों का आरोप था कि उन्हें बार-बार झूठे आश्वासन दिए गए, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
FIR के निर्देश, कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी
प्राथमिक जांच में कंपनी एक्ट के उल्लंघन,पिरामिड स्कीम संचालन, निवेश राशि का दुरुपयोग और पर्सनल एसेट्स बनाने जैसे गंभीर तथ्य सामने आने के बाद मंडलायुक्त दीपक रावत ने तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संकेत दिए गए हैं कि मामले में आगे सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा किया जा सके।




