विधायक बनते ही आचार्यजी पहुंच गए मीट की दुकाने बंद कराने, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

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असदुद्दीन ओवैसी ने दी प्रतिक्रिया
राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद हर तरफ बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी की चर्चा है। लेकिन पार्टी के एक विधायक बालमुकुंद आचार्य ने अपनी गतिविधियों से इस चर्चा में अपना भी नाम दर्ज करा दिया है। जयपुर की हवामहल सीट से विधायक बने बालमुकुंद आचार्य चुनाव जीतने के बाद दूसरे दिन ही अपने इलाके में निकल पड़े और नॉनवेज फूड आइटमों की दुकानें बंद कराने लगे। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वो फोन पर एक अधिकारी को कानून का पाठ पढ़ा रहे हैं और चांदी की टकसाल रोड पर खुले में बिकने वाले नॉनवेज फूड आइटमों और मीट की दुकानों को तुरंत प्रभाव से हटाने की बात कह रहे हैं। वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर 4 दिसंबर को वायरल हुआ।

इसमें कई लोग दिख रहे हैं जो धार्मिक नारे लगा रहे हैं। वहीं बीजेपी विधायक बालमुकुंद फोन पर एक अधिकारी को सख्ती से निर्देश देते हुए कह रहे हैं। “मैं आपसे शाम को रिपोर्ट लूंगा. आप देंगे या मुझे आना पड़ेगा आपके ऑफिस लेने. लेकिन नॉनवेज बेच सकते हैं क्या खुले में रोड पर? नहीं. रोड पर नॉनवेज बेच सकते हैं क्या खुले में? हां या ना बोलो. लाइव हो आप. तो आप समर्थन कर रहे हो इनका? तुरंत प्रभाव से नॉनवेज के जितने भी ठेले हैं रोड पर लगे हैं, रोड पर लगाए हुए हैं। ये नहीं दिखने चाहिए। मैं शाम को रिपोर्ट लूंगा आपसे। वीडियो में बालमुकुंद जिस अधिकारी से धमकी भरे लहजे में बात कर रहे हैं, उनका नाम स्पष्ट नहीं है।

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और विधायक की बातों का वो अधिकारी क्या जवाब दे रहे हैं, वो भी सही से सुनाई नहीं दे रहा है। बालमुकुंद ने आगे ये आरोप भी लगाया कि इस एरिया में सबसे ज्यादा अवैध बूचड़खाने चलाने वाले पप्पू कसाई के सिर पर कांग्रेस प्रत्याशी आरआर तिवारी का हाथ है और खुले में मांस बेचने का कोई नियम नहीं है। बालमुकुंद के इस आरोप पर असदुद्दीन की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने बीजेपी विधायकों की बातों और मांग को गलत बताया और कहा कि किसी को भी नॉनवेज स्टॉल लगाने से रोकने का अधिकार नहीं है।

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