किसान सुखवंत आत्महत्या केस में SSP समेत पांच पुलिस अधिकारियों को नोटिस हुआ जारी

काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या से जुड़े मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने एसएसपी उधम सिंह नगर सहित पांच पुलिस अधिकारियों को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए हैं। नोटिस सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और मृतक के परिजनों द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर जारी किए गए हैं।
बताते चलें उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी किसान सुखवंत ने 10 जनवरी 2026 की रात काठगोदाम थाना क्षेत्र के गौलापार स्थित एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। वह अपनी पत्नी और 12 वर्षीय बेटे के साथ घूमने आए थे।
आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने फेसबुक लाइव वीडियो बनाकर जमीन से जुड़े चार करोड़ रुपये के कथित फ्रॉड और उत्तराखंड पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में उन्होंने बताया कि कई महीनों तक शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, उल्टा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जिससे पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। किसान की मौत ने पूरा सिस्टम हिला दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को सौंपी गई, जिन्होंने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। इससे पहले, प्रकरण से जुड़े पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जिले से बाहर स्थानांतरित भी किया जा चुका है।
SIT चीफ IG STF को कमान
सच सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष SIT का गठन किया गया है। इस टीम की कमान आईजी एसटीएफ को सौंपी गई है। हाल ही में आईजी एसटीएफ नीलश आनंद भरणे ने काठगोदाम थाना क्षेत्र में घटनास्थल का निरीक्षण किया और टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही मामले की एफआईआर को थाना काठगोदाम शिफ्ट किया जा रहा है।
बैंकिंग और भूमि रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
SIT ने मृतक किसान द्वारा लगाए गए भूमि धोखाधड़ी के आरोपों की गहन जांच के लिए रजिस्ट्रार, तहसील कार्यालय और संबंधित बैंकों को नोटिस जारी किए हैं। इन संस्थानों से बैंकिंग ट्रांजेक्शन और दस्तावेजी रिकॉर्ड प्राप्त कर लेन-देन की सत्यता और कागजातों की प्रामाणिकता की जांच की जाएगी।
तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण जारी
SIT सदस्य एवं पुलिस अधीक्षक, चंपावत अजय गणपति ने बताया कि घटनाक्रम से जुड़े अभिलेखों को कब्जे में लेकर सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही तकनीकी सर्विलांस के जरिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी इनपुट्स का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि घटनाक्रम की हर कड़ी स्पष्ट हो सके।




