उत्तराखण्ड हाईकोर्ट अब यहां पर बनाया जाएगा, ज़मीन भी देख ली गयी है

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हल्द्वानी के गौलापार में उत्तराखण्ड हाईकोर्ट नहीं बनाया जाएगा। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की आपत्ति के बाद शासन ने फिलहाल हाईकोर्ट के लिए नैनीताल के पटवाडांगर फतेहपुर (हल्द्वानी) मार्ग पर बेल बसानी में 10 हेक्टेयर जमीन चयनित की है। प्रदेश के प्रमुख सचिव वन डॉ. आर के सुधांशु, सचिव पंकज पांडे व अन्य अधिकारियों ने सोमवार की अपरान्ह में इस संबंध में हाईकोर्ट की मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति ऋतु बाहरी से भेंट कर इस नए चयनित भूमि की जानकारी दी।

अधिकारियों नें बताया कि हाईकोर्ट के लिए 26 हैक्टेयर भूमि की जरूरत है। जो एक जगह पर नहीं मिल रही है और विकल्प के रूप में सबसे बड़ी दस हैक्टेयर राजस्व भूमि बेल बसानी में चयनित की है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के आदेशानुसार राजस्व भूमि में बहुमंजिले भवन निर्माण की क्षमता का आंकलन किया जाए। ताकि वृक्षों का कम से कम नुकसान हो।

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मंत्रालय की एम्पॉवरमेंट कमेटी द्वारा उत्तराखंड हाईकोर्ट को गौलापार शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर आपत्ति लगाने व हाईकोर्ट को शिफ्ट करने हेतु दूसरी जगह तलाशने हेतु उत्तराखंड के मुख्य सचिव को 20 फरवरी 2024 को जारी पत्र के क्रम में राज्य सरकार द्वारा दूसरी जगह भूमि तलाशनी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने यह जगह शुरुआती दौर में नैनीताल के पटवाडांगर से फतेहपुर हल्द्वानी जाने वाले मार्ग बेल बसानी में चयनित की है।

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