हल्द्वानी-पुलिस ने 13 दिन बाद सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी, हत्या की वजह जानकर दंग रह जाएंगे आप

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हल्द्वानी। महानगर का चर्चित नंदी देवी हत्याकांड सुलझ गया है। नैनीताल पुलिस 13 दिन बाद रहस्य से पर्दा उठाने में कामयाब रही। हैड़ागज्जर गोरापड़ाव निवासी नंदी देवी (48) का शव 5 मई को उसी के बाथरूम में पड़ा मिला था। गला दुपट्टे से कसा और शरीर पर कई जख्म थे। इस मामले में कई एंगल पर तफ्तीश हुई और आज एसएसपी पंकज भट्ट ने इस सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर कांड खुलासा कर दिय।
सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के लिए डा. जगदीश चन्द्र पुलिस अधीक्षक अपराध/यातायात नैनीताल, हरबन्स सिंह अपर पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी, भूपेंद्र सिंह धोनी सीओ सिटी हल्द्वानी के पर्यवेक्षण में 04 अलग अलग टीमों का गठन किया गया। कोतवाल हरेंद्र चौधरी, नन्दन सिंह रावत थानाध्यक्ष कालाढुंगी, प्रमोद पाठक थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी थानाध्यक्ष वनभूलपुरा, रमेश बोरा थानाध्यक्ष मुखानी, राजवीर सिंह नेगी एसओजी प्रभारी नैनीताल गठित पुलिस टीमों को अलग अलग टास्क देकर घटना के अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए। इन टीमों ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और 200 के करीब सीसीटीवी खंगाले। सर्विलांस की भी मदद ली गयी। इसके साथ ही जो सबसे पहम काम था बाहरी व्यक्तियों, मजदूरों आदि के चरित्रवृत्त के सत्यापन की कार्यवाही उसे किया गया। पल-पल जांच की मॉनिटरिंग एसएसपी पंकज भट्ट स्वयं करते रहे। पुलिस टीमों ने आसपास के इलाक के असमाजिक तत्वों, नशेड़ियों आदि करीब 2-3 सौ लोगों से गहनता से पूछताछ की।

पुलिस के हाथ एक अहम जानकारी लगी। मुखबिर ने खबर दी कि एक व्यक्ति ने जुए में पैसे हारने के बाद एक मोबाइल जुए में ही एक स्थानीय व्यक्ति के पास यह कहकर गिरवी रखा था कि अगले दिन पैसे देकर मोबाइल वापस ले लेगा। लेकिन उक्त व्यक्ति वापस मोबाइल लेने नहीं आया। साथ ही काफी दिनों से अपने घर से भी गायब है। पुलिस टीम मोबाइल गिरवी रखने वाले के पास पहुंची और यह साबित हो गया कि मोबाइल नंदी देवी का ही है जिसे मनोज पुरी निवासी नवाबगंज (बरेली) ने गिरवी रखा था। पता चला कि मनोज गौला नदी में रेता-बजरी भरने का काम करता है और मृतका नंदा देवी के घर के पास ही किराए के कमरे में अकेला रहता है। इतना सबकुछ मालूम होने के बाद पुलिस टीमों ने मनोज की धरपकड़ के लिए अभियान शुरू कर दिया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मनोज को गोरापड़ाव तिराहा से गिरफ्तार कर लिया।

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नंदी देवी का कत्ल क्यों करा ?
गिरफ्तार हत्यारोपी मनोज पुरी ने पुलिस को बताया कि वो 5 मई को पडोस की नन्दी आन्टी की दुकान में बीडी का बण्डल लेने गया था। मेरे पास खुले पैसे नहीं थे। मैने उनसे बीड़ी का बण्डल उधार मांगा तो आन्टी ने मुझसे नाराज होकर बोला कि पता नहीं कहां-कहां से कुत्ते साले उधार मांगने आ जाते हैं। मैंने उनसे बोला बीडी का बण्डल उधार नहीं देना है तो मत दो, लेकिन ऐसे अपशब्द नहीं बोलो तो वह और ज्यादा गन्दे तरीके से अपशब्द कहने लगीं।

मनोज के अनुसार इसके बाद वो अपने कमरे पर तो आ गया लेकिन नंदी के शब्द उसके कानों में गूंजते रहे। उसका गुस्सा उन अपशब्दों को सोच-सोचकर बढ़ता रहा। मनोज ने तय कर लिया कि वो नंदी आंटी को नहीं छोड़ेगा, जान से मार डालेगा। चूँकि उसे पैसों की भी तंगी थी तो सोचा कि नन्दी आन्टी के घर पर जो भी माल मिलेगा वो भी ले आऊंगा।

क्योंकि दिन में इलाके में चहल-पहल मनोज ने रात की सुनसानी का इंतज़ार किया। पूछताछ में मनोज ने बताया कि रात्रि दो बजे करीब जब मैने देखा कि अब सब लोग सो गये हैं और गाड़ियों की आवाजाही भी कम हो गयी है तो मैंने अपने कमरे से चारपाई के नीचे रखा हथौड़ा उठाया और अपनी कमर में डालकर आन्टी के घर की ओर चला सोचा रोड से निकलूंगा तो कोई मुझे देख लेगा इसलिए मैं अपने घर के सामने स्थित जंगल से होता हुए सीधे आन्टी के घर के सामने रोड पर निकला और वाटर पार्क वाले जंगल में जाने वाले रास्ते पर छिप गया वहां से आन्टी का दरवाजा साफ दिखाई देता है मैने आन्टी के बाहर आने का इन्तजार किया करीब दो बजकर तीस मिनट पर में जंगल से निकला और रोड पार कर आन्टी की दीवार कूदकर अन्दर दरवाजे के बगल में आंगन में छिप गया काफी देर इन्तजार करने के बाद दरवाजा खोलने की आवाज आयी मैं दरवाजे के सामने हाथ में हथौडा लेकर खडा हो गया

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आन्टी ने जैसे ही दरवाजा खोला और पर्दा हटाया जैसे उनकी नजर मुझ पर पडी तो वह सकपकाकर एकदम चिल्लाई फिर मैने एकदम से अपने हाथ में पकडे हुए हथौडे से आन्टी के सिर पर जोरदार वार किया आन्टी अपने घर के अन्दर की ओर गिर गयी फिर मैने पांच दृ छः बार लगातार हथौडे से आन्टी के सिर पर वार किये जिससे आन्टी चित हो गयी फिर मैंने उसके गले में पहने दुपट्टे से उसका गला गांठ लगाकर घोंट दिया फिर आन्टी को दुपट्टे के सहारे उठाकर खींचकर उसके बाहर आगन में बने टॉयलेट में ले गया और उसका सिर पानी से भरे टब में डूबाकर उसको वहीं छोड दिया और सीधे आन्टी के घर के अन्दर गया और घर से बैग, कपड़े कुछ नगदी एँव मोबाईल आदि लेकर अपने कमरें में जंगल के रास्ते होते हुए आ गया। शनिवार को गौला गेट में जुआं खेलते खेलते मैं पैसे हारने पर मैंने उक्त मोबाईल जुआ खेल रहे एक व्यक्ति के पास गिरवी रख दिया था। मंगलवार को छुट्टी थी मैं अपने घर बरेली चला गया।

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