कौन हैं देहरादून की इमराना…..जिन्हें मालती हलदार की एक पोस्ट ने सोशल मीडिया पर चर्चा में ला दिया

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uttarakhand….dehradun…azadkalamnews.com——समाजसेवी मालती हलदार ने ओला बुक की तो उन्हें इमराना के साथ यात्रा करने का अवसर मिला। वह देहरादून जैसे शहर में महिला टैक्सी चालक को देखकर बहुत हतप्रभ हुईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर इमराना के बारे में पोस्ट लिखी और इमराना के हौसले को सराहा।

महिलाएं आजकल क्या नहीं कर रही हैं। बेशक महिलाओं ने आज हर क्षेत्र में अपना इकबाल बुलंद किया है। बात मुस्लिम समाज की महिलाओं की करी जाए तो आज भी आप और हमारे ज़हन में यह तस्वीर उभरती होगी कि बहुसंख्यक महिलाओं के मुकाबले अल्पसंख्यक समाज की महिलाएं कम समाज में सक्रिय हैं। लेकिन अगर ढूंढा जाएगा तो शायद नज़रिया बदल भी सकता है। जी हां देहरादून की इमराना जैसी मुस्लिम समाज की महिलाएं आपका नज़रिया बदलने के लिए काफी हैं। इमरान टैक्सी चलाकर परिवार की गाड़ी खींच रही हैं।

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महिला टैक्सी चालक इमराना दून की रहने वाली हैं और ओला कैब चलाकर अपना परिवार पालती हैं। इमराना के हौसले को सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है। इमराना कहती हैं कि काम कोई भी हो वो छोटा या फिर बड़ा नहीं होता है। मुझे कार चलाने का शौक था तो इसी को अपना कारोबार बना लिया। इससे कमाई होने लगी और आत्मनिर्भता की वजह से नया जज्बा पैदा हुआ। परिवार की गाड़ी भी बढ़िया से चलने लगी। परिवार और समाज का भरपूर सहयोग इमराना को मिल रहा है। देहरादून की आज इमराना आज मुस्लिम समाज ही नहीं बल्कि सभी समाज की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा की तरह हैं।

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इमराना ने बताया कि पढ़ाई के दौरान पिता शकील अहमद ने कार सीखने की प्रेरणा दी थी। इसके बाद कार ड्राइविंग स्कूल में कार चलाना सीखा। कई सालों के बाद लगा कि अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए। अचानक ख्याल आया कि नौकरी वौकरी नहीं करनी। कार चलाकर अपने शौक को पूरा कर रही हूं। इमराना गर्मी में सुबह पांच बजे से सुबह 11 बजे तक और शाम को पांच बजे से दस बजे तक कार चलाती हैं। यह समय सर्दी में कम हो जाता है। परिवार में पापा, भाई-बहन और पुत्र उनके इस फैसले से खुश हैं।

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