uttarakhand highcourt—गौलापार अंतरराष्ट्रीय स्पोर्टस स्टेडियम का कितना काम हो चुका है, जवाब दे सरकार और पेयजल निगम

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नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कुमायूँ के हल्द्वानी में स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्टस स्टेडियम का कार्य तय समय में पूरा नहीं करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद मुख्य न्यायधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने राज्य सरकार व पेयजल निगम से पूछा है कि वर्तमान में वहां के कार्याे की स्थिति से स्पष्ट कराएं। कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी बताने को कहा है कि वहां पर पिछले एक साल में कौन कौन से खेल हुए, कितने लोगों को प्रशिक्षण दिया है और कितने प्रशिक्षित देने वाले कर्मचारी है। इसका पूरा चार्ट बनाकर चार सप्ताह में पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 21 जून (बुधवार) की तिथि नियत की है। मामले के मुताबिक हल्द्वानी निवासी अमित खोलिया ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि हल्द्वानी में 200 करोड़ रुपये की लागत से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम 15.20 हेक्टेयर फारेस्ट की भूमि पर बनाया गया है।

जिसका कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है। सरकार द्वारा इसे बनाने के लिए बार बार निर्माण एजेंसियों को बदला जा रहा है। अब सरकार ने इस कार्य को पूर्ण करने के लिए उत्तराखंड पेयजल निर्माण को ठेका दिया है जबकि इस स्टेडियम में 38वें नेशनल गेम होने थे परन्तु कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण केंद्र सरकार अन्य जगह तलास रही है। पूर्व शिक्षा व खेल मंत्री अरविंद पांडेय ने भी इस पर सवाल किया है कि इस स्टेडियम में बहुत सी कमियां है जिन्हें पूर्ण करना आवश्यक है। तभी यहां राज्य या अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों का आयोजन किया जा सकेगा।

याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि अभी तक इसका निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ जबकि इसकी निर्माण पूर्ण होने की तिथि निकल चुकी है। प्रदेश के खिलाड़ियों को कोचिंग करने के लिए अन्य राज्यों की तरफ जाना पड़ रहा है। राज्य के हाथ से 38वें खेल महाकुंभ भी निकल गया है और जनता के पैंसे का द्रुपयोग हो रहा है। उन्होंने जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की है कि इसका निर्माण कार्य तय समय सीमा में कराया जाए।

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