अगर आप हड्डी रोग से पीड़ित हैं तो हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल की ये खबर आपके मतलब की हो सकती है, प्राइवेट हॉस्पिटल के खर्च से छुटकारा मिल सकता है

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हल्द्वानी। हड्डी रोग से संबंधित मरीजों के लिए राहत भरी खबर। हड्डी के रोगियों को अब जटिल ऑपरेशन व इलाज के लिए निजी चिकित्सालय की दौड़ नही लगानी पड़ेगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी के अस्थि रोग विभाग के चिकित्सक नवीनतम तकनीक से जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर चिकित्सालय का मान बड़ा रहे है, इसी क्रम में डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में पहली बार बुजुर्ग महिला का टीकेआर (संपूर्ण घुटना प्रतिस्थापन) सफलता पूर्वक कर मेडिकल कॉलेज के नाम एक और उपलब्धि जोड़ दी है।

छड़ायल हल्द्वानी निवासी 60 वर्षीय यशोदा उप्रेती पिछले 2-3 वर्ष से घुटने के दर्द से पीढ़ित थी, व विगत 5-6 महीने से असहनीय दर्द महसूस हो रहा था, जिस पर वह परिजनों के साथ डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय की अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में उपचार के लिए पहुॅची।

चिकित्सकों द्वारा संपूर्ण आवश्यक जांच करायी व चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत मरीज को टीकेआर (संपूर्ण घुटना प्रतिस्थापन) की सलाह दी गयी। अस्थि रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डा. पंकज सिंह के दिशा-निर्देशन में अस्थि रोग विभाग के डा. दिवाकर प्रताप व चिकित्सकीय टीम ने एसटीएच में पहली बार बुजुर्ग महिला का टीकेआर (संपूर्ण घुटना प्रतिस्थापन) सफलता पूर्वक किया अभी रोगी स्वस्थ है, और स्वास्थ्य लाभ कर रही है। चिकित्सालय में उक्त ऑपरेशन आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क किया गया।

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डा. प्रताप ने यह भी बताया कि हम भविष्य में और भी जटिल से जटिल ऑपरेशन डा. सुशीला तिवारी चिकित्सालय में करेंगे। डा. दिवाकर प्रताप ने बताया कि घुटने का प्रत्यारोपण का ऑपरेशन जटिल था, हमने और हमारी टीम ने निर्णय लिया कि इस ऑपरेशन को करना है, तथा उक्त सर्जरी में घुटने के इम्प्लांट की आवश्यकता थी और आयुष्मान योजना में वह उपलब्ध नही था। इस संबंध में हमने प्राचार्य डा. अरूण जोशी से बात की और उन्होंने अपने विशेष प्रयास से तत्काल उक्त इम्प्लांट को आयुष्मान योजना के अन्तर्गत क्रय करने के निर्देश देकर मंगवाया गया।

डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में पहली बार बुजुर्ग महिला का टीकेआर (संपूर्ण घुटना प्रतिस्थापन) सफलता पूर्वक करने पर डा. अरूण जोशी प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज ने अस्थि रोग विभाग के डा. दिवाकर प्रताप व चिकित्सकीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे मरीज जिनका ईलाज निजी चिकित्सालय में करवाना अपनी क्षमता से बाहर है निजी चिकित्साल्यों में इस प्रकार के ऑपरेशन में लाखों का खर्च आता हैँ। डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में निशुल्क होने से निर्धन रोगियों के लिए डा. सुशीला तिवारी चिकित्सालय वरदान साबित हो रहा है।

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डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के चिकित्सक लगातार नयी-नयी तकनीक का प्रयोग करके कठिन से कठिन सर्जरी कर रहे है, जिससे गरीब रोगियों को लाभ मिल रहा है। सफलतापूर्वक टीकेआर (संपूर्ण घुटना प्रतिस्थापन) करने में अस्थि रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डा. पंकज सिंह, डा. दिवाकर प्रताप, डा. नवनीत अधिकारी, एनेस्थिसिया विभाग की विभागाध्यक्ष डा. गीता भंडारी, डा. दीप चिलाना आदि का विशेष योगदान रहा।

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