शरद पवार की पार्टी में फूट पड़ी तो कांग्रेस ने भी छोड़ दिया साथ, इस पद की दावेदारी

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महाराष्ट्र में एनसीपी में दोफाड़ के बाद कांग्रेस ने नेता विपक्ष के पद पर अपना दावा ठोक दिया है। पार्टी ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मंगलवार को बैठक भी बुलाई है। बता दें कि महाराष्ट्र में हाल तक अजित पवार नेता विपक्ष का पद संभाल रहे थे लेकिन अजित पवार के सरकार में शामिल होने के बाद नेता विपक्ष का पद खाली है। साथ ही एनसीपी में टूट के बाद अब कांग्रेस राज्य की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी हो गई है, जिसके बाद कांग्रेस ने अपने नेता को इस पद पर बिठाने की तैयारी शुरू कर दी है। महाराष्ट्र कांग्रेस ने मंगलवार को बैठक बुलाई है। इस बैठक में नेता विपक्ष के नेता के नाम पर विचार विमर्श हो सकता है। इस बैठक में कांग्रेस सचिव एचके पाटिल भी मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि एनसीपी ने अजित पवार के शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल होने के बाद जितेंद्र अव्हाड को नेता विपक्ष नियुक्ति किया है।

हालांकि शरद पवार ने सोमवार को कहा कि नेता विपक्ष पद पर कांग्रेस का दावा सही है। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता बाला साहेब थोराट ने कहा कि एनसीपी अब सिर्फ अपनी पार्टी के नेता विपक्ष को नियुक्त कर सकती है। कांग्रेस नेता पृथ्वीराज च्वहाण ने कहा कि शरद पवार के साथ कितने विधायक हैं, ये तय होने के बाद नेता विपक्ष का चुनाव कर लिया जाएगा। बता दें कि नंबरों के मामले में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी को नेता विपक्ष का पद मिलता है। एनसीपी के 53 विधायक हैं, वहीं कांग्रेस के 45 विधायक हैं। अजित पवार की बगावत के बाद एनसीपी में अब विधायकों की संख्या घटकर 44 रह गई है। इनमें से भी कई के अजित पवार के साथ जाने की चर्चा है। ऐसे में कांग्रेस महाराष्ट्र की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बन गई है। जिसके बाद पार्टी ने नेता विपक्ष पद पर अपने नेता को नियुक्त करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।

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