हल्द्वानी-बनभूलपुरा के लोगों के लिए मानवता दिखाए राज्य सरकारः डिंपल पांडे, हज़ारों लोग बेघर होकर कहां जाएंगे

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हल्द्वानी। बनभूलपुरा में रेलवे की 78 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण हटाए जाने के आदेश के बाद हड़कंप मचा हुआ है। हाईकोर्ट ने 4365 घरों को हटाने का आदेश जारी किया है जिसके बाद उनके सामने पुनर्वास की समस्या खड़ी हो गई है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष डिंपल पाण्डे ने केंद्र और राज्य सरकार से उनके लिए पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है। जारी बयान में सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि एक झटके में 50 हजार लोगों को बेघर करने की तैयारी है और प्रदेश सरकार सांस डकार नहीं ले रही है। जिस समय राजनीति से हटकर मानवता दिखाने का समय है उस समय सरकार हिटलरशाही पर उतर आई है। केन्द्र सरकार को अपनी प्रदेश सरकार की नीति और नियत का संज्ञान लेना चाहिए।

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डिंपल पांडे ने कहा कि इस सर्द मौसम में लोग अपने बच्चों को लेकर कहां जाएंगे। कई घरों में बेटियों की शादियां होनी हैं, लेकिन अब सिर से छत छिन जाने के डर से उन घरों में खुशियों की जगह सिर्फ डर और भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के कई मामले देश के अलग-अलग राज्यों में है। जैसे देश हर में अन्य जगहों पर निवास कर रहे लोगों को राहत मिल रही है, ठीक उसी तरह बनभूलपुरा के वाशिंदों को भी सरकार द्वारा राहत दी जानी चाहिए। कई गरीब लोगों ने मेहनत कर पाई-पाई जोड़कर मकान बनाए हैं। ऐसे में सिर से छत जाने का डर उन्हें लगातार सता रहा है।

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जबकि लोगों का दावा है कि वह रेलवे से भी पहले से वहां रहते आए हैं। तत्कालीन सरकारों ने भूमि को करीब 70-80 सालों से लीज पर दिया है लेकिन आज इसकी जवाबदेही लेने को कोई तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं लेकिन राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह बेघर होने जा रहे लोगों का पुनर्वास करें। बता दें कि नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद बनभूलपुरा में रेलवे की 78 एकड़ भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होनी है। बनभूलपुरा के 4365 घरों को तोड़कर अतिक्रमण हटाया जाना है। जिसकी तैयारी में जिला प्रशासन जुटा हुआ है।

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