संसद में महिला आरक्षण पर बहस के बीच बंगाल में महिलाओं को टिकट देने में भाजपा सबसे फिसड्डी….ममता अव्वल

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संसद में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने इस अहम विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया है। हालांकि विपक्षी दल महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में दिखे, लेकिन इसे परिसीमन (Delimitation) से जोड़ने पर उन्होंने आपत्ति जताई है।

इस बहस के बीच राजनीतिक दलों की जमीनी हकीकत भी सामने आ रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव इसका ताजा उदाहरण है। Trinamool Congress ने जहां महिलाओं को सबसे ज्यादा टिकट दिए हैं, वहीं बाकी दल इस मामले में पीछे नजर आए।

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23 और 29 अप्रैल को होने वाले बंगाल चुनाव में कुल मिलाकर महिलाओं को सिर्फ 11% टिकट मिले हैं।

Trinamool Congress: 291 सीटों में से 52 महिलाओं को टिकट (27.2%)
Communist Party of India (Marxist): 253 सीटों में 34 महिलाएं (13.43%)
Indian National Congress: 294 सीटों में 35 महिलाएं (11.9%)
Bharatiya Janata Party: 294 सीटों में 33 महिलाएं (11.2%)

मौजूदा पश्चिम बंगाल विधानसभा में 41 महिला विधायक हैं, जो कुल संख्या का लगभग 13.94% है—यह राष्ट्रीय औसत (करीब 8%) से ज्यादा है, लेकिन संसद में महिलाओं की हिस्सेदारी (14.6%) से थोड़ा कम है।

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गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 2023 में महिला आरक्षण कानून पारित किया था। अब प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों के जरिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण लागू करने का रास्ता साफ किया जा रहा है। गृह मंत्री Amit Shah के अनुसार, नए बदलावों के बाद संसद की कुल सीटें बढ़कर 816 हो सकती हैं।

कुल मिलाकर, संसद में महिला आरक्षण पर सहमति दिख रही है, लेकिन टिकट वितरण में पार्टियों का प्रदर्शन अभी भी उनके दावों से काफी पीछे है।

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