ज़हूर आलम ने बढ़ाया नैनीताल का मान, राष्ट्रपति करेंगी सम्मान

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नैनीताल में रहकर देशभर में कला के क्षेत्र में नाम रौशन करने वाले प्रसिद्ध रंगकर्मी और नाट्य संस्था युगमंच के संस्थापक सदस्यों में से एक जहूर आलम को संगीत नाटक अकादमी वर्ष 2023 के राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह सम्मान उन्हें नाट्य विधा में सर्वश्रेष्ठ निर्देशन के लिए छह मार्च को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से दिया जाएगा। इस मौके पर उन्हें अंगवस्त्र, ताम्रपत्र एवं एक लाख रुपये की सम्मान राशि भेंट की जाएगी।

नाट्य संस्था युगमंच की पूर्व कलाकार लता तिवाड़ी और उनके पति संजय पांडे को संयुक्त रूप से युवा श्रेणी का उस्ताद बिसमिल्ला खान सम्मान दिया जाएगा। उन्हें यह सम्मान पारंपरिक लोक संगीत एवं नृत्य के लिए मिलेगा। नैनीताल में ही पले बढ़े संतूर वादक पार्थाे राय चौधरी को भी संतूर वादन में सम्मान मिला है। लोक संगीत के क्षेत्र में संगीत नाटक अकादमी सम्मान राकेश भट्ट को मिला है। सभी को समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। जहूर आलम का कहना है कि यह सम्मान उनके लिए माता-पिता का आशीर्वाद, पत्नी मुन्नी का सहयोग समेत सभी रंगकर्मी साथियों के स्नेह का प्रतीक है। उन्हें यह सम्मान मिलने पर नगर में खुशी की लहर है।

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विभिन्न मंचों पर सम्मान मिले
1955 में जन्मे जहूर आलम की उच्च शिक्षा डीएसबी से हुई। 50 वर्षों तक रंगकर्मी के रूप में कार्य कर रहे जहूर आलम को विभिन्न मंचों पर सम्मान मिले। उत्तराखंड साहित्य एवं कला परिषद के सदस्य व उपाध्यक्ष रहे जहूर आलम राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली के भारत रंग महोत्सव में अंतर राष्ट्रीय स्क्रीनिंग कमेटी की सदस्य भी रहे। उन्हें मोहन उप्रेती लोक सम्मान, कलश कलाश्री, उत्तराखंड शोध संस्थान सम्मान समेत प्रदेश स्तर पर कई सम्मान मिल चुके हैं। नाट्य संस्था युगमंच के माध्यम से वह कई शहरों में नाटकों को प्रदर्शित कर चुके हैं।

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