माथे पर तिलक, हिंदू नाम निकला बांगलादेशी सनीउर रहमान…ज़हरीली जु़बान पर पुलिस ने पहले लिया होता एक्शन तो पोल जल्दी खुल जाती…

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dehradun—माथे पर तिलक, हिंदू नाम लेकिन निकला बांगलादेशी। सनीउर रहमान सत्यसाधू (39 वर्ष) बनकर घूम रहा था। पौड़ी गढ़वाल के लक्ष्मणझूला क्षेत्र में चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त चेकिंग अभियान के दौरान एक बांग्लादेशी नागरिक को अवैध रूप से भारत में रह रहे होने पर गिरफ्तार किया गया।

कोतवाली लक्ष्मणझूला पुलिस और अभिसूचना इकाई ने रामझूला रोड स्थित काली मंदिर के पास चेकिंग के दौरान संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपनी पहचान सनीउर रहमान उर्फ सत्यसाधू (39 वर्ष) के रूप में बताई, जो बांग्लादेश के फरीदपुर का निवासी है।
आरोपी ने स्वीकार किया कि वह वर्ष 2016 से बिना वीजा भारत में रह रहा था और उसने दिल्ली के पते पर फर्जी नाम से आधार कार्ड भी बनवाया था। पुलिस ने उसके कब्जे से एक एक्सपायर बांग्लादेशी पासपोर्ट, आधार कार्ड, तीन मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, पेन ड्राइव सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

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सनाउर रहमान पहले नास्तिक बना, फिर वर्ष 2018 में नाम बदलकर सत्यनिष्ठ आर्य बन गया। इसने भी सलीम वास्तिक की तरह मुस्लिम और ईसाई समाज के खिलाफ आपत्तिजनक बातें बोलनी शुरू कर दीं। वह कई बार हिंदू संगठनों के कार्यक्रमों में नजर आने लगा। इसके खिलाफ कई बार शिकायत हुई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

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चर्च में घुसकर पादरी से की थी अभद्रता
सनीउर रहमान लक्ष्‍मणझूला घूमने आया था। उसके कब्‍जे से बांग्‍लादेशी पासपोर्ट मिला जिसकी वैधता 2018 में खत्‍म हो चुकी थी। वह इससे पहले गाजियाबाद, पश्चिम बंगाल और अन्‍य जगहों पर भी रह चुका है। बीते क्रिसमस के दौरान एक चर्च में घुसकर पादरी के साथ अभद्रता का उसका वीडियो वायरल हुआ था।

सनीउर रहमान यूपीआई से चंदा मांगकर कमाई करता था। कई हिंदू संगठनों की तरफ से भी इसको सपोर्ट और चंदा दिया जाता था।

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