उत्तराखंड में बेहिसाब बारिश ने थामी जन जीवन की रफ्तार….नैनीताल में 20 मार्ग बंद, चार लोगों ने गंवाई जान

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। कहीं सड़कें बंद हैं तो कहीं बिजली आपूर्ति प्रभावित है। नैनीताल जिले में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। प्रशासन की 6 सितंबर सुबह 9:30 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 20 मार्ग बाधित हैं, जबकि कुछ जगहों पर में विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
प्रदेशभर की बात करें तो शनिवार तक 108 सड़कें बंद थीं। इनमें 81 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। नैनीताल जिले में बंद 20 मार्गों में एक राज्य मार्ग, एक प्रमुख जिला मार्ग और 18 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। कई मार्गों को खोलने का काम तेजी से चल रहा है, जबकि कुछ रास्तों के खुलने में कई दिन लग सकते हैं।
बारिश ने छोड़े जख्म, 4 लोगों की गई जान
नैनीताल जिले में बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं ने अब तक 4 लोगों की जान ली है। इसके अलावा 132 पक्के भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, 7 कच्चे भवनों को नुकसान और 3 भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। पशुधन पर भी बारिश की मार पड़ी है। प्रशासन के अनुसार 11 पशुओं की हानि हुई है, जबकि 6 गौशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
नैनीताल में 47 मिमी बारिश, नदियों पर भी नजर
पिछले 24 घंटे में नैनीताल के स्नो व्यू क्षेत्र में 47 मिमी बारिश दर्ज की गई। हल्द्वानी-काठगोदाम में 32 मिमी, रामनगर में 32.4 मिमी, बेतालघाट में 30 मिमी और कैंची धाम में 24 मिमी बारिश हुई।
बारिश के साथ प्रशासन की नजर जिले की नदियों और बैराजों के जलस्तर पर भी बनी हुई है। फिलहाल गौला, कोसी और नंधौर नदी के डिस्चार्ज पर लगातार निगरानी की जा रही है।
भीमताल क्षेत्र के हरीशताल, गौनियारो और ल्वाड़डोबा में विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से बाधित है। संबंधित विभागों की टीमें सड़कें खोलने और बिजली व्यवस्था सुचारु करने में जुटी हैं।
उधर मौसम विभाग ने रविवार को देहरादून, हरिद्वार, बागेश्वर, नैनीताल, पौड़ी और चमोली में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में भी गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश के कई दौर की संभावना है।
फिलहाल प्रशासन अलर्ट है, लेकिन पहाड़ों में मौसम का मिजाज लगातार चुनौती बना हुआ है। ऐसे में लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और बंद अथवा संवेदनशील मार्गों पर जाने से सावधानी बरतने की अपील की है।



