हाई कोर्ट की शिफ्टिंग को बताया पहाड़ विरोधी, नैनीताल में जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी

नैनीताल। नैनीताल से हल्द्वानी हाईकोर्ट शिफ्ट मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं के बाद जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने भी विरोध के सुर लगाना शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में वीरवार को प्रताप भैया सभागार में जिला बार एसोसिएशन द्वारा एक आम सभा आयोजित कर अधिवक्ताओं की राय ली गई जिसमें वक्ताओं ने नैनीताल से अन्यत्र हाई कोर्ट शिफ्ट करने को लेकर अन्याय पूर्ण बताया। सभा में जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओंकार गोस्वामी ने हाई कोर्ट शिफ्टिंग का विरोध करते हुए कहा कि आंदोलन शुरू करने में कोई भी निर्णय लेने से पहले सारे सहयोगियों से वार्ता कर आगे की रणनीति बनानी चाहिए। उसके बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए। पूर्व अध्यक्ष नीरज साह ने विरोध को कानूनी ढंग से लड़ने पर ज़ोर दिया जबकि पूर्व अध्यक्ष मनीष मोहन जोशी ने भी विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
एसोसिएशन के उप सचिव नीरज गोस्वामी ने कहा कि हाईकोर्ट को तराई में ले जाने से पहाड़ों से पलायन होना निश्चित है। पूर्व अध्यक्ष भगवत प्रसाद ने कहा कि मैंने अपने जीवनकाल में कोई भी स्थापित हाईकोर्ट किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट होते नहीं देखा ये क्यों हो रहा है समझ से परे है। सुशील शर्मा ने भी हाई कोर्ट शिफ्टिंग को पहाड़ विरोधी बताया। इसी तरह तरुण चंद्रा, मनीष कांडपाल, अशोक मौलेखी, सोहन तिवारी, रचित तिवारी व पूर्व सचिव भानू प्रताप सिंह मौनी, नवीन पंत, संध्या शर्मा, कैलाश जोशी व जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने विरोध जताते हुए हाईकोर्ट शिफ्ट का अपने वक्तव्य में पुरजोर विरोध किया, वहीं अंत में अध्यक्ष अरुण बिष्ट ने कहा कि हम पहाड़ हित के साथ हैं हाईकोर्ट शिफ्टिंग के विरोध में आगे आंदोलन के लिए सभी बार एसोसिएशन से वार्ता कर निर्णय लिया जायेगा। सभा का संचालन सचिव संजय सुयाल ने किया।




