B.Ed.—2026 से लागू होंगे 20 प्रकार के समेकित बी.एड (ITEP) कार्यक्रम

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नई दिल्ली। अब बी.एड. (Bachelor of Education) करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने ऐलान किया है कि 2026 से बी.एड. के 20 नए प्रकार के कोर्स शुरू किए जाएंगे।
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने 2026 सत्र से अध्यापक शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और व्यापक परिवर्तन की घोषणा की है, इस कदम से देश में शिक्षक शिक्षा का परिदृश्य बदल जाएगा
परिषद ने 20 प्रकार के समेकित बी.एड. (Bachelor of Education) कार्यक्रमों का प्रस्ताव किया है, जो समेकित अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (Integrated Teacher Education Programme – ITEP) के अंतर्गत संचालित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, केवल चार वर्षीय समेकित बी.एड. को 2030 से विद्यालय शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता के रूप में मान्यता दी जाएगी।
इसके संबंध में एक विस्तृत प्रारूप अधिसूचना (Draft Notification) जारी की गई है, जिसमें सभी अध्यापक प्रशिक्षण संस्थानों (Teacher Training Institutions – TTIs) को इन नए कार्यक्रमों हेतु 2026–27 सत्र के लिए नवीन आवेदन करने का निर्देश दिया गया है।
एनसीटीई द्वारा प्रस्तावित नए पाठ्यक्रमों को समेकित अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम ITEP (समेकित बी.एड.) के रूप में संचालित किया जाएगा। कुल 20 प्रकार के ITEP कार्यक्रम 5 प्रमुख श्रेणियों में विभाजित होंगे:
1. ITEP – (General Education)
2. ITEP – कला शिक्षा (Arts Education)
3. ITEP – शारीरिक शिक्षा (Physical Education)
4. ITEP – संस्कृत शिक्षा (Sanskrit Education)
5. ITEP – योग शिक्षा (Yoga Education)
प्रत्येक ITEP के भीतर चार उप प्रकार होंगे, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 द्वारा प्रस्तावित 5+3+3+4 विद्यालयीय संरचना से मेल खाते हुए निम्नलिखित शिक्षा स्तरों पर केंद्रित होंगे:
• प्रारंभिक (Foundational),
• प्रारंभिक-तैयारी (Preparatory),
• मध्य (Middle),
• माध्यमिक (Secondary)

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एनसीटीई द्वारा प्रस्तावित समेकित बी.एड. कार्यक्रम चार वर्षीय होंगे और इनका उद्देश्य एक व्यवस्थित, बहुस्तरीय एवं विशेषीकृत शिक्षक शिक्षा प्रणाली को स्थापित करना है। प्रस्तावित सभी ITEP कार्यक्रम नई विद्यालय संरचना (5+3+3+4) के अनुरूप होंगे। हर ITEP में चारों शैक्षणिक चरणों पर बल दिया जाएगा, जिससे शिक्षक विभिन्न आयु-स्तरों और अधिगम आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित हो सकें।

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2026 से बी.एड. की पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। अब छात्र और कॉलेज, दोनों को इस बदलाव के लिए तैयार रहना होगा। यह कदम भारत की शिक्षा व्यवस्था को और मज़बूत और असरदार बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
इससे न केवल शिक्षा में पेशेवर गुणवत्ता का विकास होगा, बल्कि देश की भावी पीढ़ियों को भी सशक्त और संवेदनशील शिक्षकों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

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