शराब तस्करी पर सख्त हुआ आबकारी विभाग, इस साल महज चार महीने में दर्ज किए 954 मुकदमे, 26 हजार लीटर बल्क शराब की बरामद

ख़बर शेयर करें -

देहरादून। आबकारी विभाग अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। विभाग द्वारा अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए समय-समय पर विभाग द्वारा अभियान चलाए जाते रहे हैं जिसमें विभाग को सफलता भी मिली है। विभाग की ओर से पिछले चार महीने में चलाए गए अभियान के तहत आबकारी अधिनियम के तहत 954 मुकदमे दर्ज किए गए जबकि 26027 बल्क लीटर अवैध मदिरा बरामद की गई। पिछले वित्तीय वर्ष में इसी समयावधि के दौरान 782 अभियोग दर्ज हुए थे और 19554 बल्क लीटर अवैध मदिरा पकड़ी गई थी। इस साल शराब तस्करी के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है और साथ ही बल्क शराब भी ज्यादा मात्रा में बरामद हुई है। यह जानकारी आबकारी आयुक्त प्रशांत आर्य ने दी।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: कैबिनेट बैठक में आए 18 प्रस्ताव, मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी, ये अहम फैसले भी लिए गए

उन्होंने बताया कि जनपद देहरादून में इस वर्ष अप्रैल से जुलाई तक अवैध शराब से संबंधित 150 अभियोग दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 6135 बल्क लीटर अवैध मदिरा बरामद की गई है। जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में देहरादून में 96 अभियोग दर्ज हुए थे और 2263 बल्क लीटर अवैध मदिरा पकड़ी गई थी। इस वर्ष, देहरादून में अभियोगों की संख्या में 54 की वृद्धि हुई है और 3872 बल्क लीटर अधिक अवैध मदिरा बरामद की गई है। ऋषिकेश मद्यनिषेध क्षेत्र में, अप्रैल 2024 से अगस्त 2024 तक 31 अभियोग दर्ज किए गए हैं और 923 बल्क लीटर अवैध मदिरा बरामद की गई है।

यह भी पढ़ें 👉  टांडा जंगल में दो लोगों को हाथी ने कुचल दिया....वन्यजीव मानव संघर्ष की एक और दर्दनाक घटना

प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए निरंतर प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है। इस संदर्भ में, पूरे प्रदेश में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। 3 सितंबर को ऋषिकेश मद्यनिषेध क्षेत्र में विशेष अभियान के दौरान एक हुंडई आई-20 गाड़ी (संख्या- यू0 के0-07-5600) को पकड़ा गया, जिसमें दस पेटी माल्टा देशी शराब तस्करी के लिए लाई जा रही थी। इस मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और वाहन को जब्त कर लिया गया है। अभियुक्तों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad
Ad