गौला खनन का निजीकरण नहीं होने देंगे – सुमित

ख़बर शेयर करें -

 

आज़ाद कलम:- नैनीताल रोड स्थित सौरभ होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने राज्य की भाजपा सरकार पर कई अहम मुद्दों पर निशाना साधा। विधायक सुमित हृदयेश ने गौला खनन के निजीकरण नीति को लेकर कहा कि हज़ारो लाखों लोगो का खनन से रोज़गार चल रहा हैं और अगर गौला खनन निजी हाथों में जाता हैं तो वाहन स्वामी कर्ज में डूबकर बर्बादी की कगार पर आ जाएँगे। इसके साथ साथ गौला खनन वाहनो की फिटनेस भी निजी हाथों में दे दी हैं जिससे वाहन स्वामियों को आर्थिक नुक़सान उठाना पड़ रहा हैं जहा गाड़ी की फिटनेस 4 से 5 हज़ार में हो जाती थी वही आज 15 से 20 हज़ार देकर फिटनेस हो रही हैं। वाहन के रजिस्ट्रेशन के लिए सरकार द्वारा एक एप्लीकेशन लॉंच की गई थी जो आजतक फ़ोन में नहीं चली लेकिन यदि दफ़्तर में जाकर 300 रुपए की रिश्वत दी जाए तो रजिस्ट्रेशन तुरंत संभव हैं और जो रॉयल्टी वन विकास निगम काटता था उसको भी सरकार निजी हाथों में दे रही हैं जिससे डंपर स्वामी बेहद परेशान हैं। राज्य सरकार अब लोगों से रोजगार छीनकर माफिया राज फैलाना चाहती है। सरकार उत्तराखंड की जल, जंगल और जमीन को बेचने में जुटी हुई है और कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेगी। विधायक सुमित ने यह भी कहा कि अगर गौला खनन निजी हाँथों में जाता हैं तो 90 के दशक जैसे हालात हो जाएँगे और खुला गुंडा राज चलेगा। इसके साथ साथ उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिनों पूर्व देहरादून में इंवेस्टर समिट हुआ था जिसमे राज्य की सरकार ने 27 करोड़ का व्यय सिर्फ़ टेंट लगवाने में किया लेकिन उसके फलस्वरूप उत्तराखण्ड को इसका फ़ायदा भी मिलना चाहिए। पूर्व में त्रिवेंद्र सिंह रावत के समय में भी इंवेस्टर समिट हुआ था उससे क्या लाभ हुआ ये सोचनीय विषय है। इसके साथ साथ उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में नाबालिक बच्चियों व महिलाओं के साथ हो रही प्रताड़ना और शोषण के ख़िलाफ़ भी सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए जिससे हमारे प्रदेश की मातृशक्ति ख़ुद को सुरक्षित महसूस करे।

यह भी पढ़ें 👉  पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के Exit Polls में किसकी सरकार बनती दिख रही है? जानिए Poll Of Exit Polls की पूरी रिपोर्ट और सीटों का अनुमान

इस दौरान प्रेस में नैनीताल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राहुल छिमवाल, महानगर कांग्रेस हल्द्वानी के अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, शोभा बिष्ट, नीमा भट्ट, सतीश नैनवाल, हेमंत बगड़वाल, मोहन बिष्ट, जगमोहन बगड़वाल, गोविंद बगड़वाल, जाकिर हुसैन, बहादुर सिंह बिष्ट, गिरीश चन्द्र पाण्डे, त्रिलोक बनौली सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के Exit Polls में किसकी सरकार बनती दिख रही है? जानिए Poll Of Exit Polls की पूरी रिपोर्ट और सीटों का अनुमान
Ad Ad
Ad