Nainital—कुमाऊँ विश्वविद्यालय में हर्षाेल्लास से मनाया गया शिक्षक दिवस, नए शिक्षा संकाय भवन में प्रवेश बना विशेष आकर्षण

नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) विभाग के नवनिर्मित भवन में शिक्षक दिवस के अवसर पर विशेष समारोह का आयोजन हर्षाेल्लास, उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ विद्यार्थियों को महान शिक्षाविद्, दार्शनिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन, व्यक्तित्व एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान से परिचित कराना था।
अंशुल के सुंदर स्वागत गीत से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रथम वर्ष के छात्र अंशुल द्वारा प्रस्तुत सुंदर स्वागत गीत से हुआ। इसके पश्चात तृतीय वर्ष के छात्र चिराग तिवारी ने डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन, शिक्षा-दर्शन एवं शिक्षक के रूप में उनके योगदान पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किया। द्वितीय वर्ष की छात्रा खुशी रावत ने शिक्षक दिवस के महत्व एवं वर्तमान समय में शिक्षक की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं द्वितीय वर्ष के छात्र अंकित ने मनमोहक कुमाऊँनी लोकगीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में स्थानीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की, जिसे सभी ने खूब सराहा। नए भवन में प्रवेश को शिक्षा संकाय की शैक्षणिक यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा गया।
प्रो. अतुल जोशी ने पूर्व कुलपति के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के अवसर पर संकायाध्यक्ष प्रो. अतुल जोशी ने पूर्व कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा संकाय के लिए सुसज्जित भवन का निर्माण विश्वविद्यालय में शिक्षक-शिक्षा, शिक्षण, शोध एवं नवाचार को नई दिशा प्रदान करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह भवन आने वाले समय में शिक्षा, शोध, नवाचार एवं अकादमिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा और देश में एक अग्रणी विभाग के रूप में स्थापित होगा।
प्रो. जोशी ने कहा कि नया भवन केवल एक भौतिक संरचना नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, नई संभावनाओं और नए शैक्षणिक संकल्पों का प्रतीक है। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस सुविधा का अधिकतम उपयोग करते हुए शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करें और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ तथा प्रो० जोशी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों से सीखते हुए निरंतर आगे बढ़ने, चुनौतियों का सामना करने तथा एक संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षक होना समाज एवं राष्ट्र के प्रति महत्वपूर्ण दायित्व: डॉ. अशोक उप्रेती
विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक उप्रेती ने सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षक होना केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि समाज एवं राष्ट्र के प्रति महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, नवाचार करने, अपने ज्ञान एवं कौशल को विकसित करने तथा भविष्य में बेहतर शिक्षक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण मागदर्शकः डा. पुष्पा अधिकारी
इस अवसर पर प्राध्यापक डा. पुष्पा अधिकारी ने शिक्षक दिवस की प्रासंगिकता तथा शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विषय का ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व, चरित्र एवं जीवन-दृष्टि के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला मार्गदर्शक होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने एवं आत्मविकास के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में डा. तेज प्रकाश जोशी ने नए भवन को एक नए उत्साह, नई ऊर्जा के साथ नए आयामों को छूने की बात कही तथा डा. भूपेंद्र सिंह ने कहा कि विभाग एकजुट होकर नित नए लक्ष्यों को प्राप्त करेगा। कार्यक्रम के अगले चरण में विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों के मनोरंजन एवं सहभागिता के लिए विभिन्न खेल, गीत, अभिनय एवं अन्य मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में संकायाध्यक्ष प्रो. अतुल जोशी, विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक उप्रेती, डॉ. पुष्पा अधिकारी, डॉ. तेज प्रकाश जोशी, डॉ. वर्षा पंत, डॉ. आकांक्षा शैली, डॉ. सरोज शर्मा, डॉ. विनीता विश्वकर्मा, डॉ. लक्ष्मण सिंह, डॉ. हेमा मेहरा, डॉ. दीपिका भट्ट, डॉ. भूपेन्द्र सिंह, डॉ. शाहिद हुसैन, डॉ. ललिता जोशी, हरीश कुमार, सुमन एवं सौरभ सहित विभाग के समस्त शिक्षक एवं विद्यार्थी जिसमें अनुभा, आयुष्मान, आदित्य, अनुश्रुत आदि उपस्थित रहे।



