कुमाऊं में पुलिस कर्मियों की मानसिक स्थिति में आया बदलाव…अईजी रिद्धिम अग्रवाल बोलीं-सकारात्मक सोच का ज़रिया बना ‘मिशन संवाद’

नैनीताल। वर्तमान में लगातार बढ़ते कार्यदबाव, पारिवारिक तनाव तथा निजी समय की कमी और नकारात्मक विचार जैसी समस्याएं पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही हैं।
इन्हीं चुनौतियों से निपटने और पुलिस कर्मियों व उनके परिवारों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने के विशेष मकसद से कुमाऊं परिक्षेत्र में उत्तराखंड पुलिस द्वारा मिशन संवाद अभियान संचालित किया जा रहा है। आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अभियान के तहत अब तक पुलिस व उनके परिवारों के 6 हजार से अधिक लोगों ने संवाद एप डाउनलोड किया है वहीं 1050 से अधिक टेली काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जा चुके हैं।
इसके अलावा 1567 से अधिक लोगों ने कार्यशालाओं में भागीदारी की जबकि कुल 2617 से अधिक लोग सीधे तौर पर इस अभियान से लाभान्वित हुए हैं। अभियान के तहत ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में कार्यशालाएं आयोजित की गईं, इनमें तनाव प्रबंधन समेत सकारात्मक सोच, पारिवारिक संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि मिशन संवाद पुलिस परिवारों को एक भरोसेमंद मंच मुहैया करा रहा है जहां वे बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं साझा कर समय पर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ पुलिस बल ही समाज की बेहतर सेवा कर सकता है। उन्होंने बताया कि मिशन संवाद के माध्यम से पुलिस कर्मियों में तनाव नियंत्रण, क्रोध में कमी, आत्मविश्वास में वृद्धि और सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद मिल रही है। अभियान का उद्देश्य पुलिस बल में मनोवैज्ञानिक सुदृढ़ता विकसित करना है ताकि कर्मी तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।




