आज और कल कुमाऊं में भारी बारिश का अलर्ट… बेवजह यात्रा से बचें

देहरादून/हल्द्वानी। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा चेतावनी के अनुसार आज (6 जुलाई) और कल (7 जुलाई) कुमाऊं मंडल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से नैनीताल और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चंपावत, पिथौरागढ़, देहरादून, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग सहित कई जिलों में तेज बारिश, गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
आज और कल इन जिलों में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
रविवार और सोमवार को उधम सिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का खतरा बना रहेगा। पर्वतीय जिलों में कई स्थानों पर तेज बारिश के दौर, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भी गरज के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है।
बारिश के बीच उमस ने भी बढ़ाई परेशानी
मानसून सक्रिय होने के बावजूद बारिश रुकते ही मैदानी इलाकों में उमस लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। शनिवार को देहरादून में कहीं धूप तो कहीं बादल और हल्की बारिश का मिला-जुला मौसम देखने को मिला। जिन इलाकों में बारिश नहीं हुई, वहां गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान किया।
पंतनगर सबसे गर्म, पहाड़ों में राहत
शनिवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 33.6°C और न्यूनतम 24.8°C दर्ज किया गया।
पंतनगर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.0°C और न्यूनतम 27.6°C रिकॉर्ड किया गया।
वहीं मुक्तेश्वर में अधिकतम 25.2°C और नई टिहरी में 26.8°C तापमान दर्ज हुआ।
कुमाऊं में बारिश बनी आफत
लगातार हो रही बारिश से कुमाऊं मंडल के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में हालात आपदा जैसे बन गए हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन होने से टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग सहित सीमांत क्षेत्रों की सड़कें बाधित हो गई हैं।
आदि कैलाश मार्ग पर मेलघाट के पास लगातार पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण आवाजाही रोकनी पड़ी है। वहीं नैनीताल में मूसलाधार बारिश के चलते कई सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रशासन हाई अलर्ट पर
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों पर रोक लगाने, संवेदनशील मार्गों की लगातार निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर यातायात नियंत्रित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के नामित अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
लगातार हो रही भारी वर्षा के चलते प्रशासन ने आम नागरिकों से जोखिम न उठाने की अपील की है।
कहां गया है मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहें।
किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।




