147 करोड़ की मास्टर प्लान परियोजना से संवर रहा जागेश्वर धामः मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, सीएम ने जागेश्वर धाम में श्रावणी मेले का शुभारंभ किया

अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के अवसर पर गुरुवार को जनपद अल्मोड़ा के जागेश्वर एवं वृद्ध जागेश्वर क्षेत्र में धार्मिक, पर्यावरणीय और विकास संबंधी कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ किया, वृद्ध जागेश्वर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की तथा राज्य स्तरीय एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले जागेश्वर धाम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर श्रावणी मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेशवासियों एवं देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेला केवल पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण और मानव-प्रकृति के अटूट संबंध का प्रतीक है।
उन्होंने सभी लोगों से अधिकाधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया तथा मंदिर परिसर में पौधा भी लगाया। श्रावणी मेले के शुभारंभ अवसर पर आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 147 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे जागेश्वर मास्टर प्लान के माध्यम से धाम की प्राचीन गरिमा को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वर आगमन के बाद धाम में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है और पिछले दो महीनों में चार लाख से अधिक श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री वृद्ध जागेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर में डेढ़ क्विंटल (1.5 क्विंटल) की घंटी समर्पित की तथा कन्या पूजन कर प्रसाद वितरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्ध जागेश्वर देश के प्रमुख एवं प्राचीन शिव धामों में से एक है और राज्य सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बाद में गरुड़ाबाज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय एक पेड़ मां के नाम वृहद पौधरोपण कार्यक्रम एवं जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का भी संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून लागू कर राज्य की सांस्कृतिक पहचान और युवाओं के भविष्य को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन, आधारभूत ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक मोहन सिंह मेहरा, विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैडा, मेयर अजय वर्मा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री धामी की घोषणाएं
1- वृद्ध जागेश्वर का समग्र विकास किया जाएगा।
2- वृद्ध जागेश्वर मंदिर तक पेयजल योजना बनाई जाएगी।
3- ऐरावत गुफा, जटागंगा उद्गम, कोटिलिंग, शिव पाव तथा आरतोला-जागेश्वर मार्ग के मंदिरों का पर्यटन की दृष्टि से विकास होगा।
4- आरतोला के पास राज्य अतिथि गृह का निर्माण किया जाएगा।
5- जागेश्वर, वृद्ध जागेश्वर और आरतोला क्षेत्र में नए मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे।
6- आरतोला पार्किंग को मल्टीलेवल पार्किंग में विकसित किया जाएगा।
7- आरतोला-जागेश्वर मार्ग पर आरसीसी नालियां और पेव्ड शोल्डर बनाए जाएंगे।
8- दन्या डिग्री कॉलेज में एमए की कक्षाएं शुरू की जाएंगी।




