उप शिक्षाधिकारी बनीं नैनीताल की परवीन अजहर, बिना कोचिंग हासिल की कई बड़ी सफलता

ख़बर शेयर करें -

नैनीताल। नैनीताल की परवीन अजहर ने मेहनत, आत्मविश्वास और लगातार संघर्ष के दम पर प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वर्तमान में उनका चयन उप शिक्षाधिकारी के पद पर हुआ है। इससे पहले भी वह कई प्रतिष्ठित सरकारी पदों पर चयनित हो चुकी हैं।

बता दें परवीन अजहर पत्नी मुहम्मद अजहर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक पाठशाला आर्य समाज मल्लीताल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा मोहन लाल साह बालिका विद्या मंदिर से पूरी की। शिक्षा के साथ उन्होंने राजकीय पॉलिटेक्निक नैनीताल से फार्मेसी में डिप्लोमा किया और करीब चार वर्षों तक कृष्णा अस्पताल हल्द्वानी में फार्मासिस्ट एवं मेडिकल स्टाफ के रूप में नौकरी की।

नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और डीएसबी कैंपस से डिस्टेंस मोड में वर्ष 2013 में कला स्नातक तथा एमबीपीजी कॉलेज से वर्ष 2015 में हिंदी साहित्य विषय से परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। वर्ष 2017 में उन्होंने निजी नौकरी छोड़ पूरी तरह से सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की।

यह भी पढ़ें 👉  BREAKING - नैनीताल डीएसए मैदान में होगी ईद की नमाज, हाईकोर्ट ने दी इजाजत

कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने बिना किसी कोचिंग के स्वयं अध्ययन कर सफलता हासिल की। वर्ष 2018 में उन्होंने उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की लगभग पांच अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण कीं। इसके बाद वर्ष 2019 में उद्यान विभाग में समूह ग के पद पर चयन हुआ जहां उनकी नियुक्ति पिथौरागढ़ में हुई। वर्ष 2022 में उनका चयन उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड में टाइपिस्ट पद पर हुआ जहां वह वर्तमान में कार्यरत हैं। इसके अलावा वर्ष 2024 में लोअर पीसीएस 2021 के अंतर्गत पूर्ति निरीक्षक पद तथा अपर पीसीएस 2021 में बाल विकास परियोजना अधिकारी पद पर भी उनका चयन हुआ।

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं-कमरे में फंदे से लटका मिला नवविवाहिता का शव, ससुरालियों पर गंभीर आरोप

अब उप शिक्षा अधिकारी के पद पर चयनित होकर उन्होंने अपनी मेहनत और लगन का एक और उदाहरण पेश किया है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार को दिया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे सफर में परिवार का पूरा सहयोग मिला। विशेष रूप से उनके पति ने एक दोस्त की तरह हर कदम पर साथ दिया। वहीं उनके छोटे भाई टैकसी चलाने के साथ.साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। परवीन अजहर की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं।

ADVERTISEMENTS Ad Ad
Ad