बुद्धपार्क में क्यों भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण ? शासन-प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश (haldwani)

हल्द्वानी। गौलापार क्षेत्र के विजयपुर गांव में सूखी नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और ग्रामीणों ने शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तिकोनिया स्थित बुद्धपार्क में धरना प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। ग्रामीणों ने चेताया कि अगर शीघ्र ही पुल निर्माण नहीं हुआ तो उनका आंदोलन इसी तरह से जारी रहेगा। सोमवार को विजयपुर ग्राम के लोग पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में तिकोनिया स्थित बुद्धपार्क में एकत्र हुए और शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
इस दौरान अर्जुन सिंह बिष्ट ने कहा कि गौलापार क्षेत्र के ग्राम विजयपुर को जाने वाले रास्ते के बीच में सूखी नदी में पुल के निर्माण की मांग को लेकर पूर्व में प्रशासन को लिखित व मौखिक रूप से अवगत करा चुके थे। लेकिन प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की मांगों को अनदेखा किया गया।
जिससे ग्रामीणों को मजबूर होगा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के लिए बैठना पड़ रहा है। धरना स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए ग्रामीणों का कहना है कि विजयपुर क्षेत्र घनी आबादी वाला इलाका है और गांव तक पहुंचने के रास्ते में पड़ने वाली सूखी नदी बरसात के दौरान लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बन जाती है। बारिश में नदी में पानी बढ़ने से आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है और लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूली बच्चे बरसात के दिनों में स्कूल नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती उन्होंने कहा कि पूर्व में पुल निर्माण का शिलान्यास भी किया जा चुका है, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही पुल निर्माण को लेकर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासियों का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी।
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य लीला बिष्ट, अर्जुन बिष्ट, परमानंद, शांति, गीता, कुंती देवी, किरन, सतीश चन्द्र, ललित सिंह संभल, तुला राम, शेर सिंह, प्रेम बल्लभ, दिवान सिंह, राम दत्त, दयानंद कोटलिया, महेश चन्द्र पलडिया, बच्ची सिंह चिलवाल, महेन्द्र बिष्ट, त्रिलोचन कोटलिया, राधा देवी, रामेश चन्द्र, भावना संभल, गीता देवी, खष्टी देवी, शेखर कोटलिया समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।




