12 राज्यों में PFI के ठिकानों पर NIA और ED का छापा, अध्यक्ष समेत 100 गिरफ्तार

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एनआईए और प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने तमिलनाडु, केरल समेत 12 राज्यों में पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी की है। छापेमारी के दौरान 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। जिन राज्यों में एनआईए ने छापेमारी की है उनमें केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, असम, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र शामिल हैं। मलप्पुरम जिले के मंजेरी में पीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सलाम के अलावा पीएफआई के दिल्ली हेड परवेज अहमद के घर पर छापेमारी की और गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पीएफआई कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने एक बयान में कहा कि असहमति की आवाज को दबाने के लिए फासीवादी शासन द्वारा एजेंसियों का बेजा इस्तेमाल करने के कदमों का हम कड़ा विरोध करते हैं।

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जान लीजिए क्या है पीएफआई
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का गठन 2007 को हुआ था। यह संगठन दक्षिण भारत में तीन मुस्लिम संगठनों का विलय करके बनाया गया। इनमें केरल का नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु का मनिथा नीति पसराई शामिल हैं। पीएफआई दावा करता है कि वर्तमान में वो देश के 23 राज्यों में सक्रिय है। देश में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट यानी सिमी पर बैन लगने के बाद पीएफआई का विस्तार तेजी से हुआ है। कर्नाटक, केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में इस संगठन की काफी पकड़ बताई जाती है। इसकी कई शाखाएं भी हैं। इसमें महिलाओं के लिए नेशनल वीमेंस फ्रंट और विद्यार्थियों के लिए कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया जैसे संगठन शामिल हैं। यहां तक कि राजनीतिक पार्टियां चुनाव के वक्त एक दूसरे पर मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन पाने के लिए पीएफआई की मदद लेने का भी आरोप लगाती हैं।

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