हल्द्वानी में मुश्किलों की बरसात…..हर कदम पर भयानक हादसों का खतरा

उत्तराखंड में आखिरकार मौसम मेहरबान हो गया है। पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अधिकांश जिलों में गरज के साथ बिजली चमकने, तेज बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अनुमान है। वहीं 2 और 3 जुलाई को कई इलाकों में भारी बारिश को लेकर विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हल्द्वानी में बारिश से राहत, लेकिन सड़कों ने बढ़ाई परेशानी
बीते दिन हुई बारिश ने हल्द्वानी समेत कई इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी। तापमान में गिरावट दर्ज हुई और मौसम खुशनुमा हो गया। आज सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा और रिमझिम फुहारों ने मौसम को सुहावना बना दिया है।
लेकिन इसी राहत के बीच शहर की बदहाल सड़कें लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं।
शहर खोदा गया… सड़कें टूटीं… अब बारिश बनी सबसे बड़ी चुनौती!
मानसून की दस्तक से पहले हल्द्वानी शहर की सड़कें बदहाली की तस्वीर पेश कर रही हैं। सीवर लाइन, पेयजल पाइपलाइन और बिजली की भूमिगत केबल बिछाने के नाम पर शहर की अधिकांश सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। कई जगह महीनों से गड्ढे खुले पड़े हैं और मरम्मत का काम अधूरा है।
शहर की कई सड़कों जिनमें रामपुर रोड की हालत सबसे ज्यादा खराब है। सड़कों में गहरे गड्ढे चुके हैं। जगह-जगह पड़े मलबे से दोपहिया वाहन चालक फिसल रहे हैं, और लगातार ट्रैफिक जाम लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। रामपुर रोड स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल के पीछे नहर किनारे की सड़क पर पेयजल लाइन डालने के बाद सड़क महीनों से अधूरी पड़ी है। गड्ढों में पानी भरने लगा है और राहगीरों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बरेली रोड भी इस समय भारी भरकम मशीनों से हो रहे काम का बोझ उठा रहा है और लोग इसे लेकर परेशान हैं कि ये काम आखिर कब मुकम्मल होंगे। सड़कें कब बनेंगी। गलियों का और भी बुरा हाल है। बरसात में लोगों को बहुत सावधानी से रहना होगा।
वजह क्या है…शहर में सबसे बड़ी समस्या विभागों के बीच तालमेल की कमी बन गई है। एक विभाग सड़क बनाता है तो दूसरा उसे फिर खोद देता है। बार-बार की खुदाई ने हल्द्वानी की सड़कों और गलियों को बदहाल कर दिया है।
डीएम ने दिए सख्त निर्देश
नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को मानसून से पहले हर हाल में गड्ढे भरने और सड़कें दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि किसी संस्था ने लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल निर्देशों से काम नहीं चलेगा। यदि बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर गया तो सड़क और गड्ढे में फर्क करना मुश्किल होगा, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।




