SIR में फॉर्म-7 का खेल! वैध मतदाताओं पर फर्जी आपत्तियों का आरोप, निर्वाचन अधिकारी से सख्त कार्रवाई की मांग (Haldwani)

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हल्द्वानी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के अंतिम चरण में मतदाताओं के खिलाफ फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है। संगठनों के प्रतिनिधियों ने नगर मजिस्ट्रेट/सहायक निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वैध मतदाताओं के विरुद्ध दर्ज की गई कथित झूठी और निराधार आपत्तियों की जांच कराने तथा ऐसी आपत्तियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि कई मतदाता प्री-SIR और SIR प्रक्रिया के दौरान अपनी मैपिंग करा चुके हैं तथा BLO द्वारा जारी नोटिस का जवाब भी वैध दस्तावेजों के साथ दे चुके हैं। इसके बावजूद कुछ मतदाताओं के खिलाफ ‘Absent’ और ‘Permanently Shifted’ जैसी आपत्तियां दर्ज किए जाने का आरोप लगाया गया है। संगठनों का कहना है कि इससे SIR की पूरी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।

ज्ञापन में विशेष रूप से कहा गया है कि कुछ व्यक्तियों के नाम से बड़ी संख्या में मतदाताओं के खिलाफ एक ही कार्यदिवस में फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इसे लेकर आपत्तिकर्ताओं की वास्तविक पहचान की जांच कराने की मांग की गई है। प्रतिनिधियों ने सवाल उठाया कि यदि किसी व्यक्ति के नाम से आपत्ति दर्ज की गई है और संबंधित व्यक्ति स्वयं उस आपत्ति से अनभिज्ञता जता रहा है, तो ऐसी शिकायतों की सत्यता की जांच आवश्यक है।

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संगठनों ने मांग की है कि जिन व्यक्तियों द्वारा या जिनके नाम से आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, उन्हें व्यक्तिगत रूप से तलब किया जाए। यदि संबंधित व्यक्ति सुनवाई में उपस्थित नहीं होता या आपत्ति दर्ज कराने से अनभिज्ञता जताता है तो संबंधित आपत्ति को बिना अनावश्यक सुनवाई के निरस्त किया जाए।

ज्ञापन में फॉर्म-6, 7 और 8 के इस्तेमाल में होने वाली पहचान प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग की गई है। प्रतिनिधियों के अनुसार, यदि आवेदनकर्ता की पहचान OTP अथवा निर्वाचन कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति के माध्यम से सत्यापित होती है, तो कथित रूप से गलत आपत्तियां दर्ज कराने वाले वास्तविक व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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इसके अलावा प्रत्येक संबंधित मतदाता को उसके खिलाफ दर्ज आपत्ति के स्वीकार, अस्वीकार अथवा निरस्त होने का अभिलेखीय प्रमाण (Documented Proof) उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

संगठनों ने SIR के तहत फॉर्म-7 से जुड़ी आपत्तियों के निस्तारण के लिए पर्याप्त समय देने और अब तक तथा आगे की जाने वाली कार्रवाई की तारीख, समय और प्रक्रिया की जानकारी प्रमुख समाचार पत्रों, न्यूज पोर्टलों और न्यूज चैनलों के माध्यम से सार्वजनिक करने की मांग की है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि किसी भी मतदाता का नाम केवल झूठी या निराधार आपत्ति के आधार पर मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी आपत्तियों के आधार पर किसी वैध मतदाता का नाम हटाया जाता है तो सामाजिक संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों के तहत आगे की कार्रवाई करने को बाध्य होंगे।

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