कानून से खिलवाड़ पड़ा भारी, चार लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त (हल्द्वानी)

नैनीताल। सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने शस्त्रों के दुरुपयोग के मामलों में कड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर जनपद में शस्त्रों के दुरुपयोग एवं आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए चार शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं, जांच एवं अभिलेखों के परीक्षण के बाद चार अन्य मामलों में शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई समाप्त कर दी गई है।
जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, त्रिभुवन चंद पुत्र संत बल्लभ, निवासी पोस्ट ऑफिस के पीछे, काठगोदाम, द्वारा अपने लाइसेंसी पिस्टल से वाहन संख्या यूके-04-एई-9000 में बैठकर सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग करने का मामला सामने आया था। सार्वजनिक स्थान पर शस्त्र के दुरुपयोग को गंभीर मानते हुए आयुध अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनका शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया गया।
इसी प्रकार, कोतवाली रामनगर में दर्ज प्राथमिकी में यह तथ्य सामने आया कि उमेश बेलवाल ने अपने भाई ललित बेलवाल की लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक का इस्तेमाल कर वादी पर हमला किया। पुलिस ने उमेश बेलवाल के कब्जे से उक्त लाइसेंसी बंदूक बरामद कर ली। जिला प्रशासन ने माना कि शस्त्र धारक की यह वैधानिक जिम्मेदारी है कि वह अपने लाइसेंसी हथियार की सुरक्षा और नियंत्रण सुनिश्चित करे। ऐसे में उच्च सैन्य सम्मान प्राप्त होने के बावजूद शस्त्र के दुरुपयोग की घटना को गंभीर मानते हुए ललित बेलवाल का शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया।
इसके अतिरिक्त, आपराधिक मामलों में पंजीकृत होने के आधार पर इश्तियाक अली पुत्र दिलावर अली, निवासी लाइन नंबर-16, बनभूलपुरा तथा मोहम्मद सलीम पुत्र अब्दुल वाहिद, निवासी इंदिरा नगर, बनभूलपुरा के पक्ष में जारी शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त कर दिए गए।
वहीं उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों के परीक्षण के बाद सतीश नैनवाल पुत्र चंद्र दत्त (थाना बेतालघाट), निसार सिद्दीकी पुत्र इकबाल हुसैन (बनभूलपुरा), शाहनवाज मलिक पुत्र मोहम्मद अशफाक (बनभूलपुरा) तथा अदनान नवाब पुत्र इक्तेदार उल्लाह (बनभूलपुरा) के विरुद्ध लंबित शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई समाप्त कर दी गई।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट कहा कि शस्त्र लाइसेंस एक विशेष वैधानिक अधिकार है, जिसका प्रयोग पूर्ण जिम्मेदारी और कानून के दायरे में रहकर किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था तथा शस्त्रों के दुरुपयोग के मामलों में जिला प्रशासन की श्जीरो टॉलरेंसश् नीति आगे भी जारी रहेगी और भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।



