कालाढूंगी के रिसॉर्ट में हुई कुक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, मैनेजर समेत चार औऱ लोगों को था मारने का प्लान…. हैरान करने वाली निकली हत्या की वजह

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कालाढूंगी। बुधवार को रिसोर्ट में हुई अधेड़ की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा करते हुए हत्यारे को गिरफ्तार करते कर हत्या में उपयोग किए गए चाकू को बरामद किया। गुरुवार को अपर पुलिस अधीक्षक हरबंश सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए बताया बुधवार को कालाढूंगी थाना क्षेत्रा की बेलपडाव चुकी अंतर्गत पोलगड़ में स्थित बक्सेंट रिसोर्ट में किचन में कार्य करने वाले गिरीश चंद्र त्रिपाठी पुत्रा दिनेश चंद्र त्रिपाठी उम्र 54 वर्ष की हत्या रिसोर्ट में ही कार्य करने वाले अमन सैनी पुत्र रामचंद्र सैनी निवासी जोगीपुरा रामनगर उम्र 18 वर्ष ने की थी। हत्यारे की निशानदेही पर हत्या में उपयोग किए गए चाकू सहित हाथ में पहनने वाला लोहे का कडा व खून में सनी कमीज को बरामद कर अभियुक्त के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वही हत्यारे अमन ने बताया कि व रिसोर्ट के मैनेजर मोहन मसीह सहित अन्य कर्मचारियों को भी मारने की फिराक में था। वहीं उसने बताया की व रिसोर्ट में कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों में सबसे छोटा था इसलिए उसे सभी परेशान करते थे। इस कारण वह मानसिक तनाव में रहता था। बुधवार को उसने मौका पाकर दिन में लगभग 12. 30 बजे गिरीश चंद्र त्रिपाठी को मारने का प्लान बनाते हुए मृतक गिरीश को गार्ड रूम से सोने के बहाने एकांत में बने चालक के रूम में ले गया। वहां जाकर हत्यारा बीड़ी लेने के बहाने बाहर जाकर किचन से जाकर अपने लोवर में दो चाकू एक लकड़ी के दस्ते का व दूसरा लोहे के दस्ते का छुपा कर ले आया। उसने आते ही एक हाथ में बैड पर तकिए से गिरीश का मुंह दबाया व दूसरे हाथ से उसकी बगल में चाकू से कई वार कर दिए। इस पर जब मृतक ने उसका चाकू हाथ से पकड़ा तो उसने उसके सर पर दूसरे हाथ में पहने कड़े से कई बार वार किए तो मृतक बेसुद होकर बैड से नीचे गिर गया। उसके बाद उसने दूसरे चाकू से उस पर कई वार किए जब उसको लगा अब गिरीश मर गया तो उसने रूम से बाहर निकल कर चाकू रिसोर्ट में रखे पुराने तंदूर में में छुपाकर व कपड़े एक थैले में रखकर अपने बैड के नीचे छुपाकर बाल कटवाने चले गया था। वहीं उसने बताया कि वह बाल कटा कर वापस आने पर राजेंद्र डोबाल, सुरेश सनवाल, पुष्कर धामी सहित मोहन मसीह को भी मारने की फिराक में था। मगर तब तक गिरीश की हत्या का पता चल चुका था। 24 घंटे में हत्या का खुलासा करने वाली टीम को नैनीताल पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट ने नगद पांच हजार इनाम दिया। खुलासा करने वाली टीम में थाना अध्यक्ष राजवीर सिंह नेगी, बेलपडाव चौकी इंचार्ज बीरेंद्र सिंह बिष्ट, कोटाबाग चौकी इंचार्ज विजय कुमार, उप निरीक्षक गगनदीप सिंह, कास्टेबल नसीम अहमद, गगन दीप, वीरेंद्र रोतेला, रविंद्र सिंह, लेखराज सिंह, मिथुन कुमार, जसवीर सिंह, अमरेंद्र सिंह आदि थे।

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