उत्तराखंड-नाना नानी के साथ मासूम नाती की सड़क हादसे में मौत

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। श्यामपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात हुए हादसे में नाना, नानी और उनके पांच वर्षीय मासूम नाती की दर्दनाक मौत हो गई। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
मृतकों की पहचान गाजीवाली गांव निवासी वीर सिंह (52 वर्ष), उनकी पत्नी मंजू देवी (50 वर्ष) और पांच वर्षीय नाती शिवा सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों हरिद्वार से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान श्यामपुर फ्लाईओवर के पास उनकी स्कूटी हाईवे पर खड़ी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और तीनों कई फीट दूर जा गिरे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली से स्कूटी टकराई, वह कुछ समय पहले ही एक अन्य सड़क दुर्घटना में शामिल रही थी। दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया था और ट्रॉली हाईवे पर ही खड़ी रह गई। यही लापरवाही बाद में एक और बड़े हादसे की वजह बन गई।
पुलिस के मुताबिक ट्रैक्टर-ट्रॉली को सड़क से हटाने और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने में गंभीर चूक हुई है। हादसे के बाद क्षेत्राधिकारी अवनी तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी गई है।
उधर, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत की खबर मिलते ही गाजीवाली गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मासूम शिवा परिवार का इकलौता लाड़ला था, जिसकी असमय मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दुर्घटनाग्रस्त ट्रॉली को समय रहते हाईवे से हटाया गया होता, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
फिलहाल पुलिस फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दुर्घटना के बाद वाहन को सड़क पर क्यों छोड़ा गया और सुरक्षा संबंधी जरूरी कदम क्यों नहीं उठाए गए। अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।




