बागेश्वर में प्रधानाचार्य की चाकू मारकर हत्या, प्रशासनिक अधिकारी गिरफ्तार

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बागेश्वर। जिले के राजकीय इंटर कॉलेज भटखोला के प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा (55) की शनिवार सुबह विद्यालय जाते समय चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी नवल किशोर सोराड़ी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है। मामले की जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार शनिवार सुबह करीब सात बजे प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा विद्यालय की ओर पैदल जा रहे थे। इसी दौरान पहले से मौजूद प्रशासनिक अधिकारी नवल किशोर सोराड़ी ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल प्रधानाचार्य को तत्काल जिला अस्पताल बागेश्वर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद जीआईसी भटखोला के शिक्षक गोकुल चंद्र की तहरीर पर थाना झिरौली में आरोपी नवल किशोर सोराड़ी निवासी ग्राम पाटी, जनपद चम्पावत (वर्तमान में प्रशासनिक अधिकारी, राजकीय इंटर कॉलेज भटखोला) के खिलाफ एफआईआर संख्या 10/2026 के तहत धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए अल्मोड़ा की फोरेंसिक टीम और बागेश्वर फोरेंसिक यूनिट ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने करालागांव यात्री शेड, बागेश्वर रोड से 44 वर्षीय आरोपी नवल किशोर सोराड़ी को पुलिस उपाधीक्षक कपकोट के नेतृत्व में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।

प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे वेतन संबंधी विवाद की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

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घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और शिक्षकों ने जिला अस्पताल परिसर में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान परिजनों ने देर शाम तक पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी मौके पर पहुंचीं और लोगों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामला शांत हुआ, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

इस दौरान मृतक के परिजनों ने जिला अस्पताल में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के नहीं पहुंचने पर भी नाराजगी जताई। घटना के बाद विद्यालय में अवकाश घोषित कर दिया गया, जबकि शिक्षकों और कर्मचारियों में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है।

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