मानकों की अनदेखी पड़ी भारी: खुर्पाताल का डायनेस्टी रिजॉर्ट सील, प्रशासन ने जड़ा ताला

नैनीताल। जिले में नियमों के विपरीत संचालित हो रहे होम स्टे, गेस्ट हाउस और रिजॉर्ट्स के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को नैनीताल के समीप खुर्पाताल स्थित डायनेस्टी रिजॉर्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया।
पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के रिटर्निंग अधिकारी अनुराग नेगी ने बताया कि यह मामला लंबे समय से जांच के दायरे में था। दिसंबर 2024 में निरीक्षण के दौरान लिए गए नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। इसके बाद मई 2025 में दोबारा निरीक्षण किया गया, जिसमें रिजॉर्ट का एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) सही तरीके से संचालित नहीं पाया गया। निरीक्षण रिपोर्ट मुख्य कार्यालय भेजी गई, जिसके आधार पर 28 अप्रैल 2026 को क्लोजर ऑर्डर जारी किया गया।
प्रशासन के अनुसार, यूपीसीएल द्वारा रिजॉर्ट की बिजली आपूर्ति भी काट दी गई है। संबंधित पक्षों से लिखित में यह आश्वासन लिया गया है कि परिसर में अब किसी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित नहीं की जाएगी। हालांकि वहां रह रहे परिवारों और फ्लैट धारकों को रहने की अनुमति दी जा सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में निरीक्षण के दौरान 6 से 7 कमरे संचालित पाए गए थे, जिन्हें खाली कराने का आश्वासन दिया गया था। अब प्रशासन ने दोबारा किसी भी तरह की कॉमर्शियल गतिविधि रोकने के लिए मुख्य गेट को बंद कर दिया है।
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार एवं मजिस्ट्रेट अक्षय भट्ट, साइंटिफिक ऑफिसर हरीश जोशी, ऊर्जा निगम के एसडीओ प्रियंक पांडे और विजय कुमार मौजूद रहे।
वहीं, प्रॉपर्टी मालिक सचिन गुप्ता ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पहले सूचना दी जाती तो सभी जरूरी कंप्लायंस पूरे कर दिए जाते। उनका आरोप है कि मात्र 48 घंटे का शॉर्ट नोटिस देकर कॉमर्शियल गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने प्रशासन से आने-जाने का रास्ता खुला रखने, कार्यालय संचालन की अनुमति देने और बिजली कनेक्शन बहाल करने की मांग की ताकि जरूरी दस्तावेज और फाइलें दोबारा जमा कर नियमों का पालन किया जा सके।
वहीं सिमिन बंसल ने भी प्रशासन से पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं चालू रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह स्वयं परिसर में रहती हैं और प्रॉपर्टी में बड़ी धनराशि निवेश की गई है, इसलिए कार्रवाई के दौरान बुनियादी सुविधाएं बंद नहीं की जानी चाहिए।



