बेटे पर मां-बाप को नाज़: पातल गांव के पवन ने भरी उड़ान, भारतीय वायुसेना में बने फ्लाइंग ऑफिसर

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बागेश्वर। पहाड़ के एक छोटे से गांव से निकले युवा ने अपने सपनों को पंख देकर भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। जनपद बागेश्वर की ग्राम पंचायत सिंगलार के पातल निवासी पवन बचखेती ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्राप्त कर नई उपलब्धि हासिल की है।

पवन का चयन एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) के माध्यम से दिसंबर 2024 में भारतीय वायुसेना अकादमी, हैदराबाद के लिए हुआ था। करीब डेढ़ वर्ष के कठिन प्रशिक्षण के बाद 13 जून 2026 को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में उन्होंने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्राप्त किया।

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पवन बचखेती स्वर्गीय हीरा बल्लभ बचखेती के पौत्र हैं। उनके पिता लक्ष्मी दत्त बचखेती भारतीय सेना की 4 कुमाऊं रेजिमेंट से नायक सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता सोनी देवी गृहिणी हैं। सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार में पले-बढ़े पवन ने बचपन से ही वर्दी पहनकर देश सेवा का सपना देखा था।

गांव के विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई रुद्रपुर में पूरी की। सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट संकल्प के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।

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पवन की इस सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने इसे गांव और जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि पवन की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उनका मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो पहाड़ के दूरस्थ गांवों से भी आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है।

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